हर वक्त चाय अच्छी लगे, ये जरूरी नही

हर वक्त चाय अच्छी लगे, ये जरूरी नहीं


हर वक्त चाय अच्छी लगे, ये जरूरी नहीं,
हर शाम उनको याद करें, ये जरूरी नहीं,


ताश के बादशाह हैं आप, हमने माना
पर मात खा जाएं हम, ये जरूरी नहीं

होना आत्मनिर्भर किसे अच्छा नहीं लगा
पर कोई खुद से दूर करे, ये जरूरी नहीं

गर ये बात दिल से, निकली भी हो तो क्या
मेरे जाने से आप, खुश ही रहें, ये जरूरी नहीं

गमगीन हैं,  रुसवा हैं ,  मिजाज नही मिले,
तो हम बेअदब , बेदिली, गंवार हों, ये जरूरी नहीं

रुसवाई में रहनुमा हमसफर, साहिल छुपे होंगे
अकेले लहरों में छोड़ जाएं आप, ये जरूरी नहीं

© रोहित गुप्ता