हे गण
हे गण

हे गण, प्रतिक्षण
कर संघर्ष सतत
मत कर नत, अपना मस्तक
गरज तू मेघ सा, आगाज कर,
सम्मान मे ज्योत्सना सी रख चमक,
मत कर नत, अपना मस्तक
गरज तू मेघ सा, आगाज कर,
सम्मान मे ज्योत्सना सी रख चमक,
हे वीर प्राचीर रक्षक,
भुजबल पर विश्वास रख
रिपु पसीजा है कहीं??
कर गांडीव सा प्रत्यंच कम्पन,
अर्जुन सा उन्माद कर
हे भूमि पति कृषक,
आग उर में तू जला,
इतिहास भी भुला देगी तेरा क्रंदन,
धूमिल ना हो एक बूंद सा,
रख सिंधु सा हिल्लोल कम्पन,
हे जन गण मन,
इतिहास की सुध भी रख,
अमर ज्योति सी कुर्बानी को याद भी रख,
व्रंत सा गणतंत्र को,
शाश्वत मृदुल कलियों सा रख
© रोहित गुप्ता